मध्यप्रदेश

इंदौर में 11-12 सितंबर को यात्री परिवहन विजन समिट, निवेश-रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार

इंदौर 

मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2005 में घाटे का हवाला देकर सड़क परिवहन निगम (सपनि) को बंद कर दिया था। पत्रिका ने सड़क परिवहन निगम के बंद होने से प्रदेश में बिगड़ी परिवहन व्यवस्था को उजागर किया था। सरकार के सामने वे सभी तथ्य लेकर आए, जिसने सफर की मुश्किलें बढ़ाईं। इसके बाद मोहन सरकार ने सरकारी लोक परिवहन सेवा को शुरू करने ऐलान किया और अब क्रियान्वयन की ओर बढ़ी है। यानी अब मध्य प्रदेश में जल्द ही सरकारी बस परिवाहन सेवा शुरु होगी।

आपको बता दें कि, राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों को स्मार्ट, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल लोक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम लेने जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा यात्री परिवहन विजन समिट-2026 आयोजित की जाएगी। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में 11 और 12 सितंबर को आयोजित होने समिट में प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के साथ-साथ निवेश, रोजगार और उद्योग के नए अवसरों को बढ़ावा देने पर मंथन होगा।

इसमें पूरे देश से आने वाले परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति-निर्माता प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विचार-विमर्श करेंगे। विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यात्री परिवहन का रोडमैप तैयार करने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रदेश की 75 फीसदी ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर किया जाएगा।

मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड अंतर्गत 'मोबिलिटी विज़न 2030' का लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करना है। इसके अंतर्गत प्रदेश में 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे रोजाना 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प होगा।

इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर
पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से समिट में स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा। मौजूदा समय में 96 पीएम ई-बसें और 120 इंटरसिटी बसें प्रदेश में संचालित हैं। इसके साथ आगामी 6 महीनों में 486 पीएम ई-बसें और 34 इंटरसिटी बसें जोड़ी जाएंगी, जबकि वर्ष 2027 तक यह संख्या बढ़ाकर 1,100 करने का लक्ष्य है। प्रदेश में 100 बसों की क्षमता वाले आधुनिक चार्जिंग डिपो और सोलर इंफ्रॉस्ट्रक्चर भी तैयार किए जा रहे हैं। इससे सालाना 70,000 टन से अधिक कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी।

यात्री सुरक्षा, स्मार्ट तकनीक और 24×7 निगरानी
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत संचालित होने वाली सभी बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए होगी। इसके लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन सेंटरों से बसों के संचालन, लोकेशन, टाइमिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इससे यात्री परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। सभी बसों को 07 सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी।

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