Uttar Pradesh

जन्माष्टमी से पहले योगी ने युवाओं को दिए पांच बड़े उपहार

जन्माष्टमी से पहले योगी ने युवाओं को दिए पांच बड़े उपहार

आठ दिन में पढ़ाई, तकनीक, नौकरी और रोजगार सुरक्षा से जुड़े पांच बड़े फैसले

25 लाख टैबलेट खरीदने की मंजूरी, 3.16 लाख छात्रों की शुल्क भरपाई का रास्ता साफ

मेडिकल इंटर्न का भत्ता 12 से बढ़ाकर 25 हजार, एडीओ पंचायत के 50 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती

पांचवें उपहार में साढ़े तीन लाख आउटसोर्स कर्मियों को 20 से 40 हजार मानदेय के साथ सामाजिक सुरक्षा

लखनऊ
 जन्माष्टमी से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया है। महज आठ दिन के भीतर सरकार ने पांच बड़े फैसले किए हैं, जिनका सीधा संबंध युवाओं की पढ़ाई, तकनीक, सरकारी नौकरी, मानदेय और रोजगार की सुरक्षा से है। 25 लाख टैबलेट की खरीद से लेकर तीन लाख से अधिक छात्रों की अटकी शुल्क भरपाई, मेडिकल इंटर्न का भत्ता दोगुने से अधिक करने और एडीओ पंचायत के आधे पद सीधी भर्ती के लिए खोलने के बाद बुधवार को पांचवां बड़ा फैसला आउटसोर्स कर्मियों के लिए आया। उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम (यूपीकोस) के शुभारंभ के साथ करीब साढ़े तीन लाख कर्मियों के मानदेय, समय पर भुगतान और नौकरी की सुरक्षा का नया ढांचा तैयार कर दिया गया है।

सरकार का पहला बड़ा फैसला मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर इंटर्नशिप कर रहे युवाओं से जुड़ा है। राजकीय मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों और विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस व बीडीएस की रोटेटिंग इंटर्नशिप करने वालों का मासिक भत्ता 12 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। वर्ष 2021 में इसे 7,500 से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया गया था। अब इसमें एकमुश्त 13 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

दूसरा उपहार तकनीक से जुड़ा है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और कौशल विकास समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत पात्र युवाओं को ये टैबलेट निशुल्क दिए जाएंगे। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,374.60 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

तीसरा फैसला उन 3,16,057 विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आया है, जो वर्ष 2025-26 में तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं पा सके थे। सरकार इनके लिए पोर्टल दोबारा खोलेगी। इन विद्यार्थियों के भुगतान पर 551.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

चौथे फैसले से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए नया रास्ता खुला है। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के पद अभी तक शत-प्रतिशत प्रोन्नति से भरे जाते थे। सरकार ने व्यवस्था बदलकर 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरने का निर्णय लिया है। यानी अब युवाओं को सीधे एडीओ पंचायत बनने का अवसर मिलेगा।

इन चार फैसलों के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री ने पांचवां और बड़े दायरे वाला उपहार आउटसोर्स कर्मियों को दिया। यूपीकोस के शुभारंभ के साथ आउटसोर्सिंग के पदों को चार श्रेणियों में बांटकर न्यूनतम 20 हजार, 22 हजार, 25 हजार और 40 हजार रुपये मानदेय तय किया गया है। हर महीने की पांच तारीख तक पूरा वेतन सीधे बैंक खाते में पहुंचेगा। एजेंसी बदलने पर कार्यरत कर्मचारी नहीं बदले जाएंगे और मनमाने ढंग से छंटनी भी नहीं की जा सकेगी।

इतना ही नहीं, आउटसोर्स कर्मियों को ईपीएफ और ईएसआई के दायरे में लाकर सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है। महिला कर्मियों को सवेतन मातृत्व अवकाश और परिवार को इलाज की सुविधा मिलेगी। बैंक सैलरी खाते के जरिए दुर्घटना में मृत्यु अथवा दिव्यांगता पर 40 लाख रुपये तक का कवर भी मिलेगा।

इस तरह जन्माष्टमी से पहले आठ दिनों में युवाओं के लिए फैसलों का दायरा पढ़ाई से शुरू होकर रोजगार की सुरक्षा तक पहुंचा है। छात्र को शुल्क भरपाई और टैबलेट, मेडिकल इंटर्न को बढ़ा भत्ता, प्रतियोगी युवा को सरकारी नौकरी का नया अवसर और पांचवें उपहार के रूप में साढ़े तीन लाख आउटसोर्स कर्मियों को बेहतर मानदेय के साथ नौकरी और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी मिली है।

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