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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर त्वरित अमल

    

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भेंट मुलाकात अभियान जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आदिवासियों के लिए काफी राहत लेकर आई हैं। जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पाने की उनकी बरसों पुरानी समस्या काj समाधान हो गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने ऐसे रिकार्ड रहित आदिवासियों के गांवों में जाति निर्धारण के लिए विशेष ग्रामसभा का सिलसिला शुरू कर दिया है। ग्राम सभा द्वारा उनकी जाति का अनुमोदन किये जाने के उपरांत राजस्व अधिकारियों द्वारा जाति प्रमाण पत्र बनाये जा रहे है। भेंट मुलाकात संपन्न होने के पिछले एक सप्ताह में 200 से ज्यादा बैगा आदिवासियों के जाति प्रमाण पत्र जारी किये गये है। कलेक्टर सौरभ कुमार के निर्देश पर कोटा एसडीएम ने आज दर्जनभर बैगा आदिवासियों को जाति प्रमाण पत्र वितरित कर उनकी गणतंत्र दिवस की खुशियां दोगुनी कर दी। जाति प्रमाण पत्र मिल जाने से उन्हें अब औपचारिक पहचान मिलने के साथ ही शिक्षा एवं अन्य सरकारी योजनाओं का फायदा उठाने का मार्ग भी प्रशस्त हो गये हैं। 

             दरअसल मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल भेंट मुलाकात कार्यक्रम के अंतर्गत 18 जनवरी को तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर थे। समीक्षा बैठक में उन्हें जानकारी मिली कि जिले के कोटा अनुविभाग में बड़ी संख्या में बैगा आदिवासियों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। जाति साबित करने के लिए उनके पास कोई भी कागजात उपलब्ध नहीं थे। ग्रामसभा आयोजन को लेकर कुछ अस्पष्टताएं भी थी। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों की इस समस्या को गंभीरता से लिया एवं वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने मामला स्पष्ट होते ही तत्काल हरकत में आकर तेजी से विशेष ग्राम सभा आयोजित किये । प्रथम चरण में तखतपुर के ग्राम परसापानी, रतनपुर के बासाझाल एवं कोटा तहसील के ग्राम धनरस एवं नेवासा में ग्रामसभा बुलाई गई। ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से इन लोगों के बैगा आदिवासी जाति होने का अनुमोदन किया। इसके आधार पर उन्हें बैगा आदिवासी होने का जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया। बेलगहना तहसील के ग्राम लुफा निवासी राजेश कुमार बैगा एवं पारसपानी के पवनसिंह बैगा ने बैगा आदिवासियों की बड़ी समस्या के त्वरित निदान खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल को धन्यवाद दिया है। कलेक्टर  सौरभकुमार ने कागजात से रहित शेष आदिवासियों के लिए भी इसी प्रक्रिया के तहत जाति प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए हैं।

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