भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए करें प्रदोष व्रत

हिंदू धर्म में देवों के देव महादेव की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म में कई त्योहार मनाए जाते हैं जिनमें उपवास भी रखा जाता है। सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को विशेष महत्व दिया गया है। प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा और उपवास किया जाता है। प्रदोष व्रत प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और शुक्ल पक्ष की तिथि को मनाया जाता है। प्रदोष व्रत हर माह मनाया जाता है। प्रदोष व्रत आपके जीवन में परेशानियों को दूर करने और महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के लिए लाभकारी माना जाता है। प्रदोष व्रत के दिन उपवास रखने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
प्रदोष व्रत के दिन व्रत और पूजा के साथ-साथ कुछ उपाय भी किए जाते हैं। इस दिन शास्त्रों में महिलाओं के लिए कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं। अगर महिलाएं इन उपायों का पालन करेंगी तो उन्हें जीवन में किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 9 अप्रैल को रात 10 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 11 अप्रैल को रात 10 बजे खत्म होगी। त्रयोदशी तिथि के दिन पूजन प्रदोष काल में किया जाता है। ऐसे में पहला प्रदोष व्रत 10 अप्रैल को रखा जाएगा।
प्रदोष व्रत के दिन महिलाएं करें ये उपाय
प्रदोष व्रत के दिन महिलाओं को प्रदोष काल में या दिन में किसी भी समय पीले चावल के सात दाने ग्रहण करने चाहिए
फिर अपना नाम और गोत्र बताकर उसे शिवलिंग पर समर्पित कर दें।
यह उपाय पीपल या बेलपत्र के पेड़ पर भी किया जा सकता है।
ध्यान रहे कि शिवलिंग या इन पेड़ों पर चावल चढ़ाने से पहले जल अवश्य चढ़ाएं. इसके बाद धूपबत्ती भी जलाएं।
इस दिन महिलाओं को मिट्टी या आटे का दीपक बनाकर उसमें शिव और शक्ति के नाम से दो बाती रखनी चाहिए।
फिर दीपक जलाकर उसे हथेली में लेकर भगवान शिव के मंदिर में या बेलपत्र के पेड़ के नीचे रख देना चाहिए।
प्रदोष व्रत के दिन विवाहित महिलाओं को हरी चूड़ियां दान करनी चाहिए।
देवी पार्वती को सिंदूर, बिंदी और मेहंदी लगानी चाहिए।
प्रदोष व्रत का महत्व
प्रदोष व्रत के दिन पूजा हमेशा प्रदोष काल में ही की जाती है। इस दिन अपने विचार सकारात्मक रखें। प्रदोष व्रत के दिन आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भी व्यक्ति प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव का व्रत और विधि-विधान से पूजन करता है, उसके जीवन के सभी दुख-दर्द दूर हो जाते हैं और चिंताएं समाप्त हो जाती हैं। प्रदोष व्रत के दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।




