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पेट्रोल ₹5 महंगा, डीजल के दाम भी बढ़े; नायरा ने दिया बड़ा झटका

मुंबई 

ग्लोबल टेंशन के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने लगे हैं। भारत की सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा विक्रेता नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दामों में पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल में तीन रुपये प्रति लीटर की तत्काल प्रभाव से बढ़ोतरी की है। ईंधन खुदरा विक्रेताओं पर ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के कारण बने नए दबाव के बीच यह ताजा बढ़ोतरी की गई है। मामले से जुड़े सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि देश भर में 7,108 पेट्रोल पंपों का संचालन करने वाली नायरा ने शनिवार के शुरुआती घंटों से पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी हैं। इस संबंध में टिप्पणी के लिए नायरा के प्रवक्ता को भेजा गया ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला।

बता दें कि इस साल की शुरुआत में जब ईरान संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई थी, तब अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में हुई वृद्धि का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने वाली नायरा पहली ईंधन खुदरा विक्रेता थी। कंपनी ने 26 मार्च को पेट्रोल की कीमतों में पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद सार्वजनिक क्षेत्र की ईंधन खुदरा कंपनियों ने मई में पंप कीमतों में वृद्धि करना शुरू किया था।

नायरा ने बाद में अपनी मार्च की बढ़ोतरी को वापस ले लिया था। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने पर कंपनी ने एक जुलाई को पेट्रोल के दाम पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम तीन रुपये प्रति लीटर घटा दिए थे।

ईंधन बिक्री की सीमा पर सरकार को ऐतराज
बता दें कि बीते कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल की बिक्री की सीमा की चर्चाएं चल रही हैं। इस बीच, सरकार ने ईंधन बिक्री पर किसी भी तरह की सीमा लगाने पर ऐतराज जताया है। हाल ही में पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने कहा कि किसी को भी पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित करने की अनुमति नहीं है। मित्तल ने डीजल की बिक्री पर सीमा लगाए जाने की खबरों पर कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता और इस मामले में सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब जियो-बीपी और नायरा एनर्जी ने अपने कुछ पेट्रोल पंप पर डीजल की खरीद सीमित कर दी है। खुदरा और थोक डीजल की कीमतों में अंतर बढ़ने से कारखानों, दूरसंचार कंपनियों, होटल, अस्पताल और अन्य बड़े उपभोक्ता खुदरा पंप से अपेक्षाकृत सस्ता डीजल खरीदने लगे हैं।

डीजल की खुदरा और थोक कीमतों में अंतर करीब 50 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इससे कुछ औद्योगिक उपभोक्ता खुदरा पंप से एक बार में 400-600 लीटर तक डीजल खरीद रहे हैं। इससे कुछ पेट्रोल पंप के भंडार पर दबाव बढ़ रहा है जबकि उनकी भंडारण क्षमता सीमित होती है और दोबारा आपूर्ति में कुछ दिन लग सकते हैं। ऐसी स्थिति में जियो-बीपी ने कुछ पंप पर एक ग्राहक को प्रतिदिन अधिकतम 50 लीटर डीजल खरीदने की सीमा लगाई है जबकि नायरा एनर्जी के पंप पर यह सीमा 70 से 200 लीटर के बीच है। 

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