Uttar Pradesh

काशी की तर्ज पर मिर्जापुर में बनेगी 6 KM लंबी गंगा पैड़ी, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मिर्जापुर
 उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में वाराणसी के काशी की तरह गंगा के किनारे 6 किलोमीटर निर्माण का निर्माण कराया जाएगा. पैड़ी के माध्यम से सभी गंगा घाट को एक किया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ख्याल रखते हुए घाटों का निर्माण कराया जाएगा. पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा गया है। 

प्रस्ताव मंजूर होने और धन आवंटन के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा. पैड़ी को विंध्याचल से मिर्जापुर तक जोड़ा जाएगा, इसमें लोगों के टहलने के साथी अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेगी, जहां इसका लाभ आम लोग उठा सकेंगे. नए और अत्यधिक घाटों का निर्माण हो जाने के बाद न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. बल्कि, घाट के आसपास के लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। 

50 फीट चौड़ी होगी पैड़ी
लोक निर्माण विभाग के द्वारा विंध्याचल से फतहा गंगा घाट को जोड़ने के लिए 400 करोड रुपए की योजना तैयार की गई है. प्रस्तावित योजना के तहत 50 फीट चौड़ी पैड़ी का निर्माण काशी की तर्ज पर कराया जाएगा. यह करीब 6 किलोमीटर लंबा होगा, इससे मिर्जापुर से विंध्याचल के जितने भी गंगा घाट है, सभी एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे. वहीं, गंगा के तटीय क्षेत्र का विकास भी हो सकेगा. लोक निर्माण विभाग के द्वारा परियोजना शासन में भेज दिया गया है. परियोजना मंजूर होने के बाद काम शुरू किया जाएगा. प्रस्तावित योजना में लोगों के लिए मॉर्निंग वॉक और रोजगार व पर्यटन को बढ़ाने के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। 

मौजूद होगी सुविधाएं
पैड़ी में घाट के किनारे रंग-बिरंगे फूलों को लगाया जाएगा. आराम करने के लिए बलुआ लाल पत्थरों से चबूतरे बनाए जाएंगे. ताकि, कोई आसानी से बैठकर आराम कर सके. पैड़ी के निर्माण को लेकर कुछ जगहों पर जमीन भी अधिग्रहित की जाएगी. सर्वे की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है. लोक निर्माण विभाग जमीन को अधिग्रहित करेगा. पैड़ी बन जाने के बाद मिर्जापुर के गंगा के तटीय इलाकों का विकास होगा. रोजगार के साथ सुबह टहलने के लिए समस्याएं खत्म होगी। 

शासन को भेजा गया प्रस्ताव
प्रांतीय लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि गंगा के तट पर काशी के तर्ज पर पैड़ी का निर्माण किया जाना है. 400 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार करके शासन को भेजा गया है. 6 किलोमीटर लंबा और 50 मीटर चौड़े घाटों का निर्माण कराया जाएगा. परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद घाटों के निर्माण का काम तेजी के साथ किया जाएगा। 

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