स्थानीय बोलियों के संरक्षण के लिए गठित करें “सृजन पीठ”: राज्य मंत्री लोधी

भोपाल
मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने और स्थानीय बोलियों के साहित्य के संरक्षण और संवर्धित करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की समृद्ध भाषाई विरासत जैसे बुंदेली, बघेली, मालवी और निमाड़ी के साहित्य को संरक्षित करने के लिए बोली विकास अकादमी के अंतर्गत 'सृजन पीठ' का गठन करें। राज्य मंत्रीलोधी संस्कृति परिषद भवन में आयोजित संस्कृति परिषद कार्यकारिणी समिति की 14वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिये कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
राज्य मंत्रीलोधी ने स्वराज संस्थान के माध्यम से पंजाबी सांस्कृतिक विरासत और स्वाधीनता संग्राम के बलिदानियों के शहादत स्थलों पर शोध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किये गये शोध पुस्तकों के रूप में प्रकाशित किया जाए जिससे आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सकें। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश में एक सिख हेरिटेज मल्टी-मीडिया म्यूजियम की स्थापना के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के लिए निर्देशित किया।
बैठक में जनजातीय एवं लोक कला संसाधन केंद्र की स्थापना के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। राज्य मंत्रीलोधी ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही, परिषद के अंतर्गत कार्यरत अकादमियों के निदेशकों के मानदेय में वृद्धि के लिये वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजने और अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावली के नियमों में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई।
कार्यकारिणी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक के आय-व्यय और बजट का अनुमोदन किया। परिषद की गतिविधियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए डिजिटल और प्रिंट फॉर्मेट में एक समग्र पुस्तिका के प्रकाशन के निर्देश दिए गए। खजुराहो स्थित 'आदिवर्त' संग्रहालय के अंतर्गत संचालित गुरुकुल के नियमों और संस्कृति भवन के रख-रखाव के लिए केयर टेकर समिति के पुनर्गठन पर भी चर्चा की गई।




