NITTTR भोपाल के 62वें स्थापना दिवस पर तकनीकी शिक्षा को मिला नया आयाम मंत्री परमार की सहभागिता

भोपाल
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल के 62वें स्थापना दिवस समारोह में सहभागिता की। इस अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षक प्रशिक्षण की सुदृढ़ता और तकनीकी शिक्षा के समग्र उन्नयन के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का वास्तविक क्रियान्वयन शिक्षकों के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि शिक्षक इस नीति के मूल संवाहक हैं, जिनकी गुणवत्ता, दक्षता एवं दृष्टिकोण सीधे तौर पर विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देते हैं। मंत्री परमार ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में शिक्षा को अधिक प्रासंगिक और प्रभावी बनाने के लिए संस्थानों के बीच समन्वय, संसाधनों के साझा उपयोग और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
मंत्री परमार ने संस्थान के ‘ई-प्रशिक्षण’ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 11 नए मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेस (MOOCs) का शुभारंभ किया। ये कोर्सेस ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डिजिटल CMOS, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग जैसे उभरते क्षेत्रों पर आधारित हैं, जो शिक्षकों और विद्यार्थियों को नवीनतम ज्ञान एवं कौशल से सुसज्जित करेंगे। इस अवसर पर मंत्री परमार ने संस्थान के वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर का भी लोकार्पण किया।
अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग अनुपम राजन ने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में NITTTR द्वारा विकसित MOOCs कोर्सेस को समाहित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को शैक्षणिक क्रेडिट का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने शिक्षकों के संप्रेषण कौशल के विकास, ई-कंटेंट निर्माण को प्रोत्साहन तथा संस्थान की उन्नत प्रयोगशालाओं का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुँचाने पर बल दिया।
संस्थान की प्रगति रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि NITTTR भोपाल ने एक क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र से विकसित होकर डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी के रूप में अपनी सशक्त पहचान स्थापित की है। संस्थान द्वारा आउटकम बेस्ड एजुकेशन के अंतर्गत नए स्नातक कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। वर्ष के दौरान तीन हजार के लक्ष्य के विरुद्ध 9 हजार प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान कर संस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है। इसके अतिरिक्त, संस्थान द्वारा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड तथा नेपाल इंजीनियरिंग काउंसिल के साथ किए गए समझौतों के माध्यम से तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को और सुदृढ़ किया गया है।
इस अवसर पर भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. खेम सिंह डेहरिया सहित अनेक शिक्षाविद, कुलगुरु, शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।



