Uttar Pradesh

बदायूं हत्याकांड के बाद बड़ा एक्शन: 85 कर्मचारियों पर गिरी गाज, नौकरी से बर्खास्त

 बदायूं

बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में हुई दो अफसरों की हत्या के बाद कंपनी प्रबंधन ने बड़ा कदम उठाते हुए 85 कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया है। ये सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारी थे। इनमें मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के दो भाई केशव प्रताप और चंद्रशेखर भी शामिल बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, सीबीजी प्लांट में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को सेवा समाप्ति की सूचना एन-3-ई टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक पराग हलानी द्वारा ई-मेल के माध्यम से दी गई। कंपनी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 13 मार्च से सभी संबंधित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त मानी जाएंगी और नियमानुसार उक्त अवधि तक का भुगतान भी कर दिया गया है।

प्लांट में घुसकर की गई थी दो अफसरों की हत्या
बता दें कि बीते 12 मार्च को प्लांट परिसर में उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने का आरोप आउटसोर्सिंग कर्मचारी अजय प्रताप सिंह पर है, जो महज 14 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर कार्यरत था। बताया जाता है कि उसने नौकरी के बहाने प्लांट परिसर में पहुंचकर पराली आपूर्ति का ठेका भी लेना शुरू कर दिया था।

सूत्रों के मुताबिक, प्लांट में बढ़ती अराजकता और अनुशासनहीनता को देखते हुए उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता ने सख्ती बरतनी शुरू की थी, जिससे आरोपी अजय प्रताप सिंह बौखला गया। इसी रंजिश में उसने इस जघन्य दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी ने थाने पहुंचकर खुद ही आत्मसमर्पण कर दिया था। बाद में पुलिस ने मुठभेड़ दिखाकर उसका चालान कर दिया।

चार माह पहले बदली थी ठेका कंपनी, तब भी हुई थी छंटनी
बताया जा रहा है कि लगभग चार माह पूर्व ही प्लांट में मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली पुरानी एजेंसी ‘लक्ष्य इंटरप्राइजेज’ का ठेका निरस्त कर एन-3-ई टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। नई कंपनी ने कार्यभार संभालते ही करीब 40 कर्मचारियों की छंटनी की थी, जिसमें आरोपी अजय प्रताप सिंह भी शामिल था। माना जा रहा है कि उसी समय से वह रंजिश पाले हुए था।

फिलहाल प्लांट बंद, सुरक्षा व्यवस्था के बाद ही होगा संचालन
हत्याकांड के बाद से प्लांट का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। कंपनी और प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि जब तक सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हो जाते और माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक प्लांट दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button