दिल्ली-कोलकाता रूट पर बड़ा तस्करी गिरोह बेनकाब, 14 करोड़ का सोना-चांदी बरामद

नई दिल्ली
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने दिल्ली और कोलकाता के बीच सक्रिय एक संगठित सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने 14.13 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का सोना, चांदी और भारतीय मुद्रा बरामद कर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बरामदगी में 8,286.81 ग्राम सोना शामिल है जिसकी कीमत लगभग 13.41 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा 7,350.4 ग्राम चांदी जिसकी कीमत करीब 19.67 लाख रुपये है और 51.74 लाख रुपये की भारतीय नकदी भी जब्त की गई है। यह कार्रवाई सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत की गई है।
डीआरआई को मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन शुरू किया गया था। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि तस्करी का सोना ट्रेन के जरिए राष्ट्रीय राजधानी लाया जा रहा है। सूचना के आधार पर अधिकारियों ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कोलकाता से ट्रेन द्वारा पहुंचे एक यात्री को रोका।
जांच में उसके पास विदेशी मार्किंग वाला सोना मिला, जिसे स्टेशन के बाहर मौजूद एक व्यक्ति को सौंपा जाना था। मौके पर ही सोना लेकर आए व्यक्ति और रिसीवर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों से पूछताछ के बाद जांच दिल्ली के अन्य ठिकानों तक पहुंची। डीआरआई की आगे की कार्रवाई में शहर में चल रही एक अवैध सोना गलाने की इकाई का पता चला, जहां विदेशी मूल के सोने को पिघलाकर उसकी पहचान मिटाई जाती थी और बाद में उसे घरेलू सर्राफा बाजार में बेचा जाता था।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने वहां से अतिरिक्त सोना-चांदी और बड़ी मात्रा में भारतीय नकदी बरामद की। इस अवैध यूनिट का संचालन करने वाले प्रबंधक को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जांच आगे बढ़ने पर डीआरआई की टीम कोलकाता पहुंची, जहां तस्करी नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड का पता चला। वह एक अन्य अवैध मेल्टिंग यूनिट में मिला, जहां से और पिघलाया हुआ सोना बरामद हुआ। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, दो अन्य कैरियरों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्हें विदेश से तस्करी कर लाया गया सोना मिलता था, जिसे पहचान मिटाने के लिए पिघलाया जाता था और फिर ट्रेन के जरिए दिल्ली भेजा जाता था। तस्करी, परिवहन, सोना गलाने और बाजार में खपाने की साजिश में शामिल सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर सक्षम अदालत में पेश किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है। भारत में सोने पर ऊंचे आयात शुल्क और घरेलू बाजार में इसकी मजबूत मांग के कारण सोना तस्करी लंबे समय से प्रवर्तन एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। तस्कर अक्सर सोने को अलग-अलग शहरों के रास्ते भेजकर और उसकी पहचान बदलकर बाजार में उतारने की कोशिश करते हैं।




