मध्यप्रदेश

IT Raid: कारोबारी दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर इनकम टैक्स की छापेमारी, कई राज्यों में जांच

भोपाल 

राजधानी भोपाल में बुधवार सुबह उस समय हलचल मच गई जब आयकर विभाग की विशेष टीम ने शहर के बड़े माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। दिल्ली से पहुंची आयकर विभाग की टीम ने तड़के चूना भट्टी क्षेत्र में स्थित उनके आवास और एमपी नगर इलाके में मौजूद व्यावसायिक कार्यालयों पर कार्रवाई की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह अभियान केवल भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि विभाग की अलग-अलग टीमें कानपुर, छतरपुर और दिल्ली समेत कई शहरों में गुप्ता से जुड़े प्रतिष्ठानों और कार्यालयों की जांच कर रही हैं, जिससे पूरे मामले को बड़े पैमाने की समन्वित कार्रवाई माना जा रहा है।

आयकर विभाग की इस कार्रवाई के पीछे मुख्य रूप से टैक्स चोरी और वित्तीय लेन-देन में संभावित अनियमितताओं की जांच को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। विभाग को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि माइनिंग कारोबार से होने वाली आय का पूरा विवरण आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण अपने कब्जे में लिए हैं। इन सभी रिकॉर्ड्स की जांच कर वास्तविक आय और घोषित आय के बीच अंतर का आकलन किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की कर चोरी या वित्तीय हेरफेर का पता लगाया जा सके।
जांच एजेंसियों के रडार पर पहले भी रह चुके है दिलीप गुप्ता

गौरतलब है कि दिलीप गुप्ता पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रह चुके हैं। पिछले वर्ष नवंबर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने भी उनके ठिकानों पर कार्रवाई की थी, जिसमें करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की गई थी। उस समय तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, जिंदा कारतूस और कई संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। आरोप लगाए गए थे कि निवेश योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये जुटाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए शेयर आवंटन किया गया। अब आयकर विभाग की नई कार्रवाई ने इस मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है।
अधिकारियों से सांठगांठ की जानकारी

मौजूदा जांच में अधिकारियों द्वारा बेनामी संपत्तियों और हवाला से जुड़े लेन-देन के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। आयकर विभाग की टीम दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन कर रही है और घर के सदस्यों तथा कार्यालय के कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा रही है। छापेमारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और जांच पूरी होने तक बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इस कार्रवाई के बाद भोपाल के व्यापारिक और माइनिंग क्षेत्र में भी हलचल देखी जा रही है, क्योंकि कारोबारियों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले दिनों में और भी जांच या खुलासे सामने आ सकते हैं।

माइनिंग सेक्टर में सक्रिय दिलीप गुप्ता के खिलाफ यह कार्रवाई प्रदेश में आर्थिक अनियमितताओं पर नियंत्रण के प्रयासों के रूप में देखी जा रही है। हालांकि आयकर विभाग ने अभी तक आधिकारिक रूप से जब्त की गई संपत्तियों या दस्तावेजों का विस्तृत विवरण जारी नहीं किया है, लेकिन जिस स्तर पर यह अभियान चलाया जा रहा है उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जांच में बड़े वित्तीय लेन-देन और संभावित अघोषित संपत्ति से जुड़े तथ्य सामने आ सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

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